08

Accident

आस्था समर और प्रांसी के बारे में बुरा भला बोलते जा रही थी और ये सुनके अभय का पारा चढ़ रहा था।

अभय अब और सहन नही कर सकता था। वो उसके दोस्त समर और उसकी जान से भी प्यारी बहन के बारे जो मुंह में आए बोले जा रही थी।

अभय गुस्से में बोला " हाउ डेयर यू टू से समथिंग अबाउट प्रांसी ऐंड समीर। प्रांसी इस माय लाइफ।" आस्था अभय के मुंह से प्रांसी के लिए माय लाइफ वर्ड सुनके और चिढ़ गई।वैसे ये सच ही था प्रांसी अभय की लाइफ ही थी।

अभय आगे बोला "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई प्रांसी को दिमाग से पैदल बोलने की। वो जेसी भी है तुमसे तो बेहतर ही है। और हा तुम ही हमेशा मुंह ले बेवजह का दस किलो मेकअप थोपे रहती हो इसीलिए उसने तुम्हे ये कहा वरना उसे किसी के मुंह लगने का शोक नही।

और तुम क्या बोल रही थी समर ने उसे बताया और ये सब सिखाया अगर तुम्हे ऐसा लग रहा है तो फॉर योर काइंड इनफॉर्मेशन मेने ही उसे बताया था। अब बोलो।

और हा ये मत सोचना मुझे तुम्हारे इंटेंसन पता नही। मैने तुम्हारे मैनेजर को ड्रिंक में कुछ मिलाते हुए देख लिया था। तभी में यहां वापस आ रहा था।अच्छा ही है समर ने वो वाईन तुम्हारे ही चेहरे पर उड़ेल दी।"

आस्था तो ये सब सुनके हक्का बक्का रह गई। उसे नही पता था की अभय को ड्रिंक में मिले ड्रग के बारे में पता था। लेकिन वो अपना बचाव करते हुए बोली "ऐसा कुछ नही तुम जूठ बोल रहे हो।

इस पर अभय बोला "ठीक है पुलिस बुला लेते है। वैसे भी अभी ग्लास में वाईन बची हुईं है। पुलिस को बुला इसे लेबोरेटरी चेकिंग के लिए भेज देते है बाद में चली जाना तुम जेल।"

ये सुन आस्था डर गई वो मना करते हुए बोली नही ऐसा मत करना तो इस पर अभय बोला ये तुम्हारे लिए लास्ट वोर्निंग है मुझसे, प्रांसी से और समर से दूर रहो वरना में तुम्हे नही छोडूंगा।

इतना कहकर अभय ने प्रांसी का हाथ पकड़ा और उसे लेकर बाहर पार्किंग की तरफ जाने लगा और पीछे पीछे समर भी आस्था को घूरते हुए चला गया।

अब वो लोगो घर पहुंच गए थे लेकिन अभय अब भी गुस्से में था। उसका गुस्सा देख प्रांसी पूरे रास्ते और अब भी चुप ही थी।तभी समर भी उनके पीछे ही दूसरी कार से आ पहुंचा।

अभय ने उसे घूर कर देखा और उपर अपने कमरे में जाने लगा। उसे ऐसे गुस्से में उपर जाते देख प्रांसी ने तो कुछ नही कहा लेकिन समर ने जाकर उसका हाथ पकड़ लिया।

अभय ने अपना हाथ झटका और उसे घूरते हुए पुछा क्या है???? तो समर भी उसी लहजे में बोला "मेरा छोड़ तू बता तुझे क्या हुआ है इतना क्यू उखड़ रहा है। प्रॉब्लम आस्था से या मुझसे और प्रांसी से जो हमारे सामने भी ऐसे गुस्सा दिखा रहा है।"

इस पर और भी अभय चीड़ गया और चिल्लाते हुए बोला तुम से ही प्रॉब्लम है क्या जरूरत थी उस आस्था की ऑफर की हुईं ड्रिंक पीने की। साफ मना कर देते। पर नही तुम्हे तो वाईन पीनी है। वो भी उस आस्था के साथ । जबकि पता है की उसके इरादे कुछ अच्छे नहीं है। अगर तुझे कुछ हो जाता तो।

इस पर समर ने सिर जुका लिया और बोला " मुझे पता था उसमे कुछ मिला हुआ है। में उसके इंटेंशन अच्छे से समझता हू इसीलिए मेने वो ग्लास लिया था। वो प्रांसी वो ड्रिंक पिलाना चाहती थी और में नही चाहता था की उसके साथ कुछ भी हो इसीलिए....."

इतना बोलकर वो तो चुप हो गया पर पर प्रांसी और अभय हैरान हो गए। अभय से ज्यादा शॉक तो प्रांसी थी उसे तो पता भी नही था ड्रिंक में कुछ मिला हुआ है वो इसी बात से हैरान थी।

लेकिन अब अब प्रांसी को ये पता चल रहा था की उसमे कुछ मिले होने की बात समर को पता होने के बावजूद उसने वो ड्रिंक ले लिया।वो हैरान थी की उसने ऐसा क्यों किया????

समर इतना कहकर अपने कमरे में जाने लगा तो इस बार अभय ने उसका हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खीच लिया और गले लगा लिया।

अभय बोला "सॉरी यार मुझे नही पता था। लेकिन में तेरे लिए परेशान हो गया था और इसी वजह से तुम पे गुस्सा कर बैठा। पर तुझे क्या जरूरत थी वो ड्रिंक पीने की तूझे पता है में कितना डर गया था। जी हलक में अटक गया था मेरा जब मेने तुम्हे उस ड्रिंक की सिप लेते हुए देखा। तुम्हे ऐसा नही करना था यार।"

प्रांसी जो साइड में खड़ी थी वो उन दोनो की बॉन्डिंग देख सकती थी।उसे पता चल गया था की समर अभय के लिए क्या मायने रखता है और वो सिर्फ एक असिस्टेंट नही है।और तो और वो सुक्रमंद भी थी की उसने उसे वो ड्रिंक पीने से बचा लिया।

प्रांसी तो ये सोच के डरी हुई थी की अगर उसने वो ड्रिंक पी ली होती तो। वो तो रुआसी हो गई थी। वो भर्राए गले से समर को शुक्रिया अदा करते हुए बोली "थैंक यू समर अगर तुम नही होते तो...."

उसकी रूआसी आवाज सुन अभय और समर दोनो अलग हुए। और समर ने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और बोला "ओय पागल में तुम्हे शाम से सिस्टा ऐसे ही नही बोल रहा तुम मेरे लिए बहन जैसी ही हो और भला में तुम्हे क्यू ना बचाता।"

इस पर अभय ने उसके सिर पर जोर से मारा और बोला "हा बचा सकते हो लेकिन खुद को जोखिम में डालकर नही उसके लिए में हूं."

तो इस पर समर ने मुंह फूला दिया फिर अभय और समर दोनो हसने लगे। उन्हे हसता देख प्रांसी के चेहरे पे भी हल्की स्माइल आ गई ।

फिर तीनो अपने कमरे में जाकर सो गए क्योंकि आज बहुत ड्रामा हो चुका था और तीनो थक भी गए थे।

अब पार्टी वाले इंसीडेंट को इकाध हप्ता बीत चुका था। और साथ ही साथ समर हो प्रांसी की बॉन्डिन भी अच्छी हो गई थी। भाई बहन कह दो या बेस्ट फ्रेंड्स लेकिन दोनो एक दूसरे से घुल मिल गए थे।

प्रांसी भी रोज अभय और समर के साथ ऑफिस जाती थी। अभय उसे कंपनी का थोड़ा बहुत काम सीखाना चाहता था। ऑफिस में भी सबको पता चल गया था की प्रांसी अभय की सिस्टर और उनकी सेकंड बॉस है।

हालाकी प्रांसी ऑफिस के काम में अभय के सामने थोड़े नखरे दिखा रही थी लेकिन वो कंपनी का काम अच्छे से सिख भी रही थी।

ये ट्यूजडे का दिन था। सुबह के ग्यारह बज रहे थे और अभय और प्रांसी दोनो एक ही कैबिन में बैठे किसी प्रोजेक्ट फाइल पर वर्क कर रहे थे।

प्रांसी अभय को कुछ सजेशंस दे रही और अभय को वो सजेशंस अच्छे लगे तो उसने उन पर थोड़ा डिसकस करके थोड़ा चेंज करके उन्हें ऐड कर दिया।

तभी अभय का फोन बजा उसने देखा तो ये उसके चाचा का कॉल था। उसने स्क्रीन पर उनका नाम फ्लैश होते देख तुरंत फोन उठा लिया और बोला "हा अंकल बोलिए क्या काम था???"

इस पर अंकल ने जो बोला ये सुनकर अभय के हाथो से फोन गिरते गिरते बचा। वो एक जगह फ्रीज हो गया। उसकी ऐसी हालत देख प्रांसी भी शॉक हो है।

उसे ऐसे देख प्रांसी बोली क्या हुआ लेकिन अभय ने जवाब नही दिया तो प्रांसी ने उसका फोन लिया और स्क्रीन पर देखा तो उनके चाचा का कॉल था।

उसने तुरंत फोन कान पर लगाया और पूछा "अंकल क्या हुआ है?? आपने अभय से क्या कहा??? वो आपकी कॉल से इतना परेशान क्यू है???" वो बस पूछे ही जा रही थी।

तभी अभय ने उस से फोन ले लिया और वापस कान में लगाकर बोल" ठीक है में और प्रांसी इंडिया आ रहे है।" तो सामने के उनके चाचा बोले "ठीक है आ जाओ ओर हा प्रांसी को भी बता देना" फिर अभय ने हा बोल फोन रख दिया।

प्रांसी तो हैरान थी की अचानक अभय वापस इंडिया जाने की बात क्यू कर रहा था। क्या कुछ हुआ था।अब वो मन ही मन कुछ बुरा होने की आशंका से गभरा रही थी।

तभी समर भी कैबिन में आया। वो अंदर का माहोल देख हैरान था। उसने पूछा क्या हुआ।अभय अभी प्रांसी को कुछ बताने ही जा रहा था जब समर ने ये पूछा।

अभय बोला "अच्छा हुआ तुम यह आ गए । में और प्रांसी कुछ टाइम के लिए इंडिया जा रहे है तो तुम ऑफिस संभाल लेना।"

समर और प्रांसी दोनो हैरान थे। अभय प्रांसी के पास आया और उसे सोफे पर बिठाते हुए बोला "यहा बैठो कुछ बताना है।" समर भी ध्यान से सुनने लगा।

अभय ने प्रांसी को बताया की हमारे मॉम डैड का एक बड़ा एक्सिडेंट हुआ है और मेजर इंजरिस भी है इसलिए हमे इंडिया जाना होगा। ये सुन कर प्रांसी के तो पैरो तले जमीन ही खिसक गई।

समर ने भी ये सुना। वो भी मिस्टर जयेश पटेल को जानता था क्योंकि वो अक्सर कैनेडा आते थे और कंपनी में भी। वो भी समर को अच्छे से ट्रीट करते थे।वो भी उनके साथ जाना चाहता था।

लेकिन अभय के समझाने से वो कैनेडा में ही ऑफिस संभालने के लिए रुक गया। प्रांसी और अभय फ्लाइट लेकर इंडिया निकल गए।

क्या होगा आगे जब प्रांसी और अभय इंडिया पहुंचेंगे??? सवाल बहुत सारे है पर सारे सवालों का जवाब अगले चैप्टर में है तो वेट कीजिए अगले एपिसोड का । और हा आप लोग कमेंट करके बताए की आपको स्टोरी कैसी लग रही है तो मुझे भी पता चले की आपको स्टोरी पसंद आई या नही।

Write a comment ...

Crazy Carry

Show your support

Thanks for support

Write a comment ...